वैदिक पेरेंटिंग

पंचकोश विकास आधारित पालन-पोषण

आहार और दिनचर्या पर केंद्रित पालन-पोषण: 0-5 वर्ष
व्यवहार और आदतें केंद्रित पालन-पोषण: 6-10 वर्ष
विचार केंद्रित पालन-पोषण: 11-15 वर्ष
मित्रता केंद्रित पालन-पोषण: 16-20 वर्ष
रोल मॉडल पालन-पोषण: 21-25 वर्ष

वैदिक पेरेंटिंग वेदों, उपनिषदों, शास्त्रों, रामायण, महाभारत और आधुनिक मनोविज्ञान जैसे ग्रंथों को एकीकृत करके बनाए गए सूत्रों का मिश्रण है

जिसे पूज्य विश्वनाथ गुरुजी ने वर्षों के तप एवं संशोधन से आधुनिक काल के लिए प्रायोगिक रूप में अंकित किया।

जन्म से लेकर वयस्क होने तक बच्चों के पालन-पोषण का सर्वांगी भारतीय ज्ञान-विज्ञान ! जो 10,000 वर्ष से अधिक समय से भारतीय सभ्यता और समाज को टिकाने वाली आदर्श परिवार व्यवस्था के मूल में निहित है।

वैदिक पेरेंटिंग उचित उदाहरणों के साथ माता-पिता को अपने बच्चों के प्रति उचित व्यवहार करने की शिक्षा देने का विज्ञान और कला है।

Courses

प्रधान पेरेंटिंग - मूल परिसर

प्रारूप: ई-लर्निंग पाठ्यक्रम

मूल्य: XXXX

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आहार-विहार प्रधान पेरेंटिंग : 0 से 5 वर्ष तक

प्रारूप: ई-लर्निंग पाठ्यक्रम

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व्यवहार प्रधान पेरेंटिंग : 6-10 वर्ष तक

प्रारूप: ई-लर्निंग पाठ्यक्रम

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विचार प्रधान पेरेंटिंग : 11-15 वर्ष तक

प्रारूप: ई-लर्निंग पाठ्यक्रम

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मैत्री प्रधान पेरेंटिंग : 16 – 20 वर्ष तक

प्रारूप: ई-लर्निंग पाठ्यक्रम

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आदर्श प्रधान पेरेंटिंग : 21 -25 वर्ष तक

प्रारूप: ई-लर्निंग पाठ्यक्रम

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